➤ कोरियोग्राफर गीता कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ पर तोड़ी चुप्पी
➤ 52 साल की उम्र में भी सिंगल रहने और फिजिकल नीड्स पर दिया बेबाक बयान
➤ मास्टरबेशन को बताया महिलाओं के लिए वेलनेस और आत्मनिर्भरता का हिस्सा
मशहूर बॉलीवुड कोरियोग्राफर और टीवी रियलिटी शो की जज गीता कपूर, जिन्हें इंडस्ट्री में प्यार से ‘गीता मां’ कहा जाता है, इन दिनों अपने एक बेबाक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं। 52 साल की उम्र में भी अविवाहित गीता कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ, शादी और शारीरिक जरूरतों को लेकर खुलकर बात की है, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
हाल ही में एक्टर शार्दुल पंडित के पॉडकास्ट में पहुंचीं गीता कपूर ने साफ कहा कि वह भले ही Unmarried हैं, लेकिन Physically Satisfied हैं। उन्होंने कहा कि समाज को अब महिलाओं की पर्सनल चॉइस को समझने की जरूरत है।
मास्टरबेशन पर सवाल पूछे जाने पर गीता कपूर ने बिना झिझक कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने इसे Women’s Wellness और आत्मनिर्भरता से जोड़ा। गीता ने कहा,
“आज के समय में इसे वेलनेस कहा जाता है। जब एक महिला खुद का ख्याल रखती है, तो इसमें बुरा क्या है?”
गीता कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ उन्हें ‘मां’ कहे जाने का मतलब यह नहीं कि उनकी कोई निजी भावनाएं या जरूरतें नहीं हैं।
शादी को लेकर गीता कपूर का कहना है कि उन्हें अपना प्राइवेट स्पेस बेहद पसंद है और वह किसी के लिए उसमें बदलाव नहीं करना चाहतीं। हालांकि, उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की इच्छा जरूर जाहिर की।
इंटरव्यू में गीता कपूर ने अपने एक एक्स-बॉयफ्रेंड का भी जिक्र किया और बताया कि कैसे एक बार उन्होंने उसकी सरेआम पिटाई कर दी थी। उनका मानना है कि इंसान को अपनी खुशी के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद अपना रास्ता बनाना चाहिए।
गीता कपूर के इस बयान को जहां कई लोग साहसी और प्रेरणादायक बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ मान रहे हैं।



